● LIVE
BSE SENSEX 76,980.59
NIFTY 50 24,060.00
GOLD (10g) ₹1,60,815
SILVER (1kg) ₹86,400
USD/INR ₹83.94
संस्करण: भारत (राष्ट्रीय)
मंगलवार, 15 सितंबर 2026
🔴 ताज़ा सुर्खियाँ
इंडिया एआई मिशन (IndiaAI): ₹10,372 करोड़ से स्वदेशी एआई कंप्यूट प्रगति सरकारी नौकरी 2026: रेलवे RRB NTPC 11,558 और UP Police 60,244 भर्ती अपडेट शेयर बाज़ार: सेंसेक्स 81,900 के पार, निफ्टी 25,052 अंक पर मजबूत मौसम विभाग: मानसूनी बारिश और नदी जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी अलर्ट
विश्व

स्काई वुल्फ पर आग भी बेअसर: 500°C की लपटों के बीच करेगा लाइव रेस्क्यू, क्या है चीन के इस रोबोट की खूबियां?

आग में भी बेअसर स्काई वुल्फ: 500°C की लपटों के बीच करेगा लाइव रेस्क्यू, क्या है चीन के इस रोबोट की खूबियां?
स्काई वुल्फ पर आग भी बेअसर: 500°C की लपटों के बीच करेगा लाइव रेस्क्यू, क्या है चीन के इस रोबोट की खूबियां? हिंदीबात विशेष
तस्वीर: सऊदी क्राउन प्रिंस एमबीएस, तुर्किये राष्ट्रपति एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ (आधिकारिक संदर्भ)

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें जिस भीषण आग और जहरीली गैसों के बीच किसी का भी पहुंचना मुश्किल हो जाता है, वहां अब रोबोट इंसानों की ढाल बनेंगे। चीन में बने नए फायरफाइटिंग रोबोट तियानलैंग यानी स्काई वुल्फ ने अपनी पहली लाइव-फायर ड्रिल सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह रोबोट उन खतरनाक परिस्थितियों में भी काम करने के लिए तैयार किया गया है, जहां आम इंसान सुरक्षित रूप से कदम भी नहीं रख सकते। रोबोट को खास हीट-रेसिस्टेंट प्रोटेक्टिव सूट से कवर किया गया है। इसकी मदद से यह करीब 500°C तापमान में लगातार दो मिनट तक काम कर सकता है।

🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

फायरफाइटिंग रोबोट के लिए सबसे बड़ी चुनौती गर्मी होती है। इसी वजह से तियानलैंग को खास हाई-टेम्परेचर प्रोटेक्शन के साथ तैयार किया गया है। लाइव ड्रिल में रोबोट ने 500°C तक के तापमान में दो मिनट तक काम करने की क्षमता दिखाई। यह क्षमता उसे उन जगहों पर शुरुआती जांच के लिए उपयोगी बना सकती है, जहां आग, धुआं और अत्यधिक गर्मी की वजह से फायरफाइटर्स के लिए तुरंत पहुंचना मुश्किल होता है।

इस रोबोट की एक खासियत इसका चार पैरों वाला डिजाइन है। पारंपरिक पहिए वाले रोबोटों की तुलना में चार पैरों वाला रोबोट मलबे, टूटे फर्श और असमान सतहों जैसे मुश्किल इलाकों में ज्यादा आसानी से आगे बढ़ सकता है। फायर ड्रिल में इस तरह के रोबोट का इस्तेमाल ऐसे इलाके में किया गया जहां तापमान अधिक था और इंसानों के लिए स्थिति खतरनाक हो सकती थी।

💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट

बता दें कि इस रोबोट को फायरफाइटर्स का पूरा विकल्प मानना अभी सही नहीं होगा। इसकी सबसे अहम भूमिका खतरनाक इलाके में शुरुआती रेकी और जानकारी जुटाने की है। यानी जहां इंसान के पहुंचने से पहले स्थिति का अंदाजा लगाना जरूरी हो, वहां रोबोट को आगे भेजा जा सकता है। इससे फायरफाइटर्स को आग की स्थिति समझने और बचाव अभियान की बेहतर तैयारी करने में मदद मिल सकती है।

🔍 संपादकीय पड़ताल एवं स्रोत विवरण (Editorial Provenance & Verification)
✍️ रिपोर्टिंग: अमर उजाला ब्यूरो
🏛️ प्राथमिक स्रोत: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News)
🔬 सत्यापन डेस्क: हिंदीबात रिसर्च डेस्क (HindiBaat Research)
🛡️ पड़ताल स्थिति: ✅ तथ्य-परीक्षित एवं सत्यापित
मूल संदर्भ लिंक: मूल स्रोत देखें ↗
अ…

हिंदीबात संपादकीय डेस्क

विशेष संवाददाता

डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 के अनुरूप निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और स्वतंत्र रिपोर्टिंग। प्रत्येक खबर में 5W1H विश्लेषण और पाठक-केंद्रित स्पष्टता हमारा संकल्प है।

👉 आगे क्या पढ़ें | अगली बड़ी स्टोरी 10 घंटे पहले

पाकिस्तान में फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, अब एक लीटर की क़ीमत हुई इतनी

पाकिस्तान में एक बार फिर पेट्रोल और हाई-स्पीड डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी हुई है.

यह विश्लेषण जारी रखें ➔