विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें जिस भीषण आग और जहरीली गैसों के बीच किसी का भी पहुंचना मुश्किल हो जाता है, वहां अब रोबोट इंसानों की ढाल बनेंगे। चीन में बने नए फायरफाइटिंग रोबोट तियानलैंग यानी स्काई वुल्फ ने अपनी पहली लाइव-फायर ड्रिल सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह रोबोट उन खतरनाक परिस्थितियों में भी काम करने के लिए तैयार किया गया है, जहां आम इंसान सुरक्षित रूप से कदम भी नहीं रख सकते। रोबोट को खास हीट-रेसिस्टेंट प्रोटेक्टिव सूट से कवर किया गया है। इसकी मदद से यह करीब 500°C तापमान में लगातार दो मिनट तक काम कर सकता है।
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
फायरफाइटिंग रोबोट के लिए सबसे बड़ी चुनौती गर्मी होती है। इसी वजह से तियानलैंग को खास हाई-टेम्परेचर प्रोटेक्शन के साथ तैयार किया गया है। लाइव ड्रिल में रोबोट ने 500°C तक के तापमान में दो मिनट तक काम करने की क्षमता दिखाई। यह क्षमता उसे उन जगहों पर शुरुआती जांच के लिए उपयोगी बना सकती है, जहां आग, धुआं और अत्यधिक गर्मी की वजह से फायरफाइटर्स के लिए तुरंत पहुंचना मुश्किल होता है।
इस रोबोट की एक खासियत इसका चार पैरों वाला डिजाइन है। पारंपरिक पहिए वाले रोबोटों की तुलना में चार पैरों वाला रोबोट मलबे, टूटे फर्श और असमान सतहों जैसे मुश्किल इलाकों में ज्यादा आसानी से आगे बढ़ सकता है। फायर ड्रिल में इस तरह के रोबोट का इस्तेमाल ऐसे इलाके में किया गया जहां तापमान अधिक था और इंसानों के लिए स्थिति खतरनाक हो सकती थी।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
बता दें कि इस रोबोट को फायरफाइटर्स का पूरा विकल्प मानना अभी सही नहीं होगा। इसकी सबसे अहम भूमिका खतरनाक इलाके में शुरुआती रेकी और जानकारी जुटाने की है। यानी जहां इंसान के पहुंचने से पहले स्थिति का अंदाजा लगाना जरूरी हो, वहां रोबोट को आगे भेजा जा सकता है। इससे फायरफाइटर्स को आग की स्थिति समझने और बचाव अभियान की बेहतर तैयारी करने में मदद मिल सकती है।