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हरिद्वार कुंभ: देवी-देवताओं का रूप धर नृत्य करने पर प्रतिबंध, अखाड़ा परिषद बोला- सनातन का उपहास बर्दाश्त नहीं

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने देवी देवाताओं का रूप धारण कर नृत्य करने जैसे कृत्य को सनातन का उपहास बताया।
हरिद्वार कुंभ: देवी-देवताओं का रूप धर नृत्य करने पर प्रतिबंध, अखाड़ा परिषद बोला- सनातन का उपहास बर्दाश्त नहीं हिंदीबात विशेष
तस्वीर: सऊदी क्राउन प्रिंस एमबीएस, तुर्किये राष्ट्रपति एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ (आधिकारिक संदर्भ)

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम उत्तराखंड देहरादून अल्मोड़ा उत्तर काशी ऊधम सिंह नगर ऋषिकेश कोटद्वार More •••

🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने देवी देवाताओं का रूप धारण कर नृत्य करने जैसे कृत्य को सनातन का उपहास बताया। उन्होंने कहा कि इस बार कुंभ में ही ऐसे कार्य करने वालों के विरुद्ध कानून बनाने को लेकर मंथन किया जाएगा। श्रीमहंत ने कहा कि ऐसे उपहास करने वालों पर इसी बार के नवरात्रों से प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। उन्होंने देवी-देवताओं का स्वरूप धारण कर नृत्य करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि सनातन धर्म का उपहास उड़ाने वाले ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मां दुर्गा या मां काली का रूप धारण कर नृत्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने बताया कि अखाड़ा परिषद की ओर से सचेत किए जाने के बाद भी कुछ लोग देवी-देवताओं का रूप धारण कर नृत्य कर रहे हैं। उन्होंने इस कार्य को पूरी तरह अशोभनीय बताया।

💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट

श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि देवी देवताओं का स्वरूप धारण कर नृत्य कर सनातन धर्म का उपहास उड़ाने जैसे कृत्य को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि हिंदू देवी-देवताओं के स्वरूप में नृत्य करने से विरोधी तत्वों को सनातन धर्म का उपहास उड़ाने का अवसर मिलता है। इसी कारण अखाड़ा परिषद ने यह गंभीर निर्णय लिया है। परिषद ने आगामी नवरात्र पर्व के दौरान ऐसे कृत्यों पर कड़ी नजर रखने का फैसला किया है। जो भी व्यक्ति इस प्रकार का कृत्य करता पाया जाएगा, उसे कतई बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।

श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति विश्व की महान संस्कृतियों में से एक है। देवी-देवताओं का स्वरूप धारण कर नृत्य करना हमारी संस्कृति के प्रति अनादर दर्शाता है। परिषद ने पहले भी इस संबंध में अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद कुछ लोग इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहे हैं।

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने नवरात्रों के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करने वाले संगठनों से सहयोग की अपील की है। परिषद ने सभी से ऐसे कृत्यों को रोकने में मदद करने का आग्रह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय का सख्ती से पालन किया जाएगा। किसी भी उल्लंघन करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।

🔍 संपादकीय पड़ताल एवं स्रोत विवरण (Editorial Provenance & Verification)
✍️ रिपोर्टिंग: अमर उजाला ब्यूरो
🏛️ प्राथमिक स्रोत: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News)
🔬 सत्यापन डेस्क: हिंदीबात रिसर्च डेस्क (HindiBaat Research)
🛡️ पड़ताल स्थिति: ✅ तथ्य-परीक्षित एवं सत्यापित
मूल संदर्भ लिंक: मूल स्रोत देखें ↗
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हिंदीबात संपादकीय डेस्क

विशेष संवाददाता

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