विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम हिमाचल प्रदेश शिमला कांगड़ा चम्बा बिलासपुर मंडी रामपुर बुशहर More •••
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हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी का पूर्वानुमान जताते हुए आगामी चार दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजधानी शिमला सहित अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा और हल्के बादलों के बीच धूप खिली, लेकिन महीने के अंतिम दिन से मौसम के फिर करवट लेने के संकेत हैं।
जिला कांगड़ा में शुक्रवार रात हुए भारी बारिश के बाद शनिवार को पूरा दिन मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही। धूप तेज होने से लोगों को उमस और गर्मी से परेशान होना पड़ा। हालांकि धर्मशाला में दोपहर बाद हल्के बादल छाए रहे। हमीरपुर, ऊना और चंबा जिले में शनिवार को मौसम साफ रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 30 अगस्त और 4 सितंबर को राज्य के कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है, जबकि 31 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रदेश के अनेक भागों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर चल सकता है। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने 31 अगस्त के लिए कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
वहीं एक सितंबर को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। 2 सितंबर को हमीरपुर, चंबा और कांगड़ा जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। आगामी दिनों में होने वाली बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नालों-खड्डों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका बनी रहेगी। विशेषकर संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मानसून सीजन में अब तक 250 लोगों की गई जान इस मानसून सीजन में 30 जून से 29 अगस्त तक प्रदेश में आपदा की वजह से 250 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 449 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 103 की सड़क हादसों में माैत हुई। इसके अतिरिक्त इस अवधि के दाैरान 32 पक्के और 67 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 432 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 17 दुकानों व 382 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में इस मानसून में नुकसान का आंकड़ा 118 करोड़ रुपये पहुंच गया है।