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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
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गर्भधारण और प्रसव के बाद के जोखिम - फोटो : Adobe Stock प्रसव के बाद बढ़ जाता है खतरा बेक्की के हाल ही में मां बनने को भी उनके स्ट्रोक की एक संभावित वजह माना जा रहा है। विरल यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में स्ट्रोक विशेषज्ञ प्रोफेसर डेब लोवे कहते हैं, गर्भावस्था और बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद का समय स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाने वाला माना जाता है।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
2017 में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित करीब 20 लाख महिलाओं पर हुए एक अध्ययन के अनुसार, बच्चे के जन्म के आसपास के दिनों में महिला को स्ट्रोक होने का जोखिम सामान्य समय की तुलना में करीब नौ गुना अधिक हो सकता है। प्रसव के बाद के छह हफ्तों में भी यह जोखिम सामान्य समय की तुलना में करीब तीन गुना अधिक रहता है। अनुमान है कि हर एक लाख गर्भावस्थाओं में करीब 30 स्ट्रोक हो सकते हैं। जिन महिलाओं को प्री-एक्लेम्पसिया यानी गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की गंभीर समस्या होती है, उनमें खतरा काफी ज्यादा होता है। इस समूह में करीब 500 प्रसव में से एक में स्ट्रोक होने की बात सामने आई है।
ब्रेन स्ट्रोक की घटनाएं - फोटो : Adobe Stock क्या कहते हैं विशेषज्ञ? ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वोल्फसन सेंटर फॉर द प्रिवेंशन ऑफ स्ट्रोक एंड डिमेंशिया की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लिनशिन ली कहती हैं, कम उम्र में स्ट्रोक बढ़ने के कई संभावित कारणों पर शोध चल रहा है।
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