विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम कारोबार बिज़नेस डायरी बाजार स्टार्टअप्स कॉर्पोरेट पर्सनल फाइनेंस More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सितंबर का यह हफ्ता बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। 8वें वेतन आयोग की तीन दिवसीय बड़ी बैठक आज यानी 7 सितंबर 2026 से दक्षिण भारत में शुरू हो गई है। इतिहास में पहली बार आयोग की बैठक दक्षिण भारत में हो रही है। चेन्नई में 7-8 सितंबर की बैठक के बाद, 9 सितंबर को पुडुचेरी में आयोग कर्मचारी संगठनों से सीधा संवाद करेगा। बैठक के मुख्य एजेंडे में फिटमेंट फैक्टर, डीए और सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 7% करने की मांग शामिल है।
आयोग की टीम पहली बार दक्षिण भारत पहुंची है, जिससे इस बैठक का महत्व काफी बढ़ गया है। इससे पहले बैठकें लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में हो चुकी हैं। शुरुआती दो दिन चेन्नई में बैठक होगी, जबकि तीसरे दिन पुडुचेरी में संगठनों से राय ली जाएगी। एजेंडे में फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता (डीए), सालाना इंक्रीमेंट और पोस्टिंग-ट्रांसफर नियमों में बदलाव शामिल हैं।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
फिलहाल कर्मचारियों को सालाना 3% इंक्रीमेंट मिलता है, लेकिन संगठन इसे बढ़ाने के लिए दबाव बना रहे हैं। एनसी जेसीएम, ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलॉयीज फेडरेशन और पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन ने सालाना इंक्रीमेंट को 6% करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एप्लॉयी फेडरेशन ने इसे सीधे 7% सालाना करने की मांग 8वें वेतन आयोग के सामने रखी है।
इस बैठक में केवल सालाना इंक्रीमेंट ही नहीं, बल्कि हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) बढ़ाने पर भी संगठन जोर दे रहे हैं। इसके अलावा, केंद्रीय कर्मचारियों के स्थानांतरण (ट्रांसफर) और तैनाती (पोस्टिंग) नीतियों को पारदर्शी व सरल बनाने की मांग भी एजेंडे में शामिल है।
8वें वेतन आयोग की दक्षिण भारत में हो रही यह बैठक केंद्रीय कर्मचारियों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। फिटमेंट फैक्टर और सालाना इंक्रीमेंट दरों पर लिया गया कोई भी फैसला सीधे तौर पर लाखों कर्मचारियों के जीवन स्तर को प्रभावित करेगा। चेन्नई और पुडुचेरी के इस अहम दौर के बाद आयोग के अंतिम फैसले पर देश भर के कर्मचारियों की नजरें टिकी रहेंगी।