विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें सोशल मीडिया पर लोग एआई और फोटो एडिटिंग टूल्स की मदद से अपनी मौजूदा तस्वीरो को 80 के दशक की पुरानी तस्वीर जैसा बना रहे हैं। इस ट्रेंड की बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब साइबर ठग भी इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
अब आप सोच रहे होंगे कि आपका डाटा चुराकर यह क्या ही कर लेगें, लेकिन ऐसा नहीं है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ के अनुसार, अगर साइबर अपराधियों के हाथ संवेदनशील जानकारी लग जाती है तो उसका इस्तेमाल आगे वित्तीय धोखाधड़ी, अनधिकृत ट्रांजैक्शन, पहचान की चोरी और दूसरे साइबर अपराधों के लिए किया जा सकता है। यही वजह है कि किसी भी वायरल ट्रेंड से जुड़ा ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके सोर्स और परमिशन की जांच करना जरूरी है।
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💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
हालांकि एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा कि रेट्रो फोटो का ट्रेंड खुद कोई खतरा नहीं है। समस्या तब पैदा होती है जब साइबर ठग इस लोकप्रिय ट्रेंड का इस्तेमाल लोगों को फर्जी ऐप, संदिग्ध लिंक या मालवेयर वाली एपीके फाइल तक पहुंचाने के लिए करते हैं। इसलिए अगर आप भी अपनी फोटो को 1980के रेट्रो लुक में बदलना चाहते हैं, तो किसी अनजान लिंक से एप डाउनलोड करने के बजाय भरोसेमंद और आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें।