● LIVE
BSE SENSEX 76,980.59
NIFTY 50 24,060.00
GOLD (10g) ₹1,60,815
SILVER (1kg) ₹86,400
USD/INR ₹83.94
संस्करण: भारत (राष्ट्रीय)
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
🔴 ताज़ा सुर्खियाँ
इंडिया एआई मिशन (IndiaAI): ₹10,372 करोड़ से स्वदेशी एआई कंप्यूट प्रगति सरकारी नौकरी 2026: रेलवे RRB NTPC 11,558 और UP Police 60,244 भर्ती अपडेट शेयर बाज़ार: सेंसेक्स 81,900 के पार, निफ्टी 25,052 अंक पर मजबूत मौसम विभाग: मानसूनी बारिश और नदी जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी अलर्ट
विश्व

9/11 हमले का मास्टरमाइंड जिसने कराची के एक कैफे में विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराते हुए देखा था

ख़ालिद शेख़ मोहम्मद यानी केएसएम ने अमेरिका को हिला देने वाले हमले का बहुत बारीक़ी से प्लान किया था. इसके लिए उसने अलक़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन का साथ लिया. लादेन हमले को जल्द-से-जल्द अंजाम देने के लिए कह रहा था लेकिन केएसएम ने जल्दबाज़ी नहीं दिखाई.
9/11 हमले का मास्टरमाइंड जिसने कराची के एक कैफे में विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराते हुए देखा था हिंदीबात विशेष
तस्वीर: सऊदी क्राउन प्रिंस एमबीएस, तुर्किये राष्ट्रपति एर्दोगन और पाक पीएम शहबाज शरीफ (आधिकारिक संदर्भ)
📌 मुख्य बिंदु (Key Takeaways):
  • 9/11 हमले का मास्टरमाइंड जिसने कराची के एक कैफे में विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराते हुए देखा था
  • ख़ालिद शेख़ मोहम्मद यानी केएसएम ने अमेरिका को हिला देने वाले हमले का बहुत बारीक़ी से प्लान किया था. इसके लिए उसने अलक़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन का साथ लिया. लादेन हमले को जल्द-से-जल्द अंजाम देने के लिए कह रहा था लेकिन केएसएम ने जल्दबाज़ी नहीं दिखाई.।

नई दिल्ली: ख़ालिद शेख़ मोहम्मद यानी केएसएम ने अमेरिका को हिला देने वाले हमले का बहुत बारीक़ी से प्लान किया था. इसके लिए उसने अलक़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन का साथ लिया. लादेन हमले को जल्द-से-जल्द अंजाम देने के लिए कह रहा था लेकिन केएसएम ने जल्दबाज़ी नहीं दिखाई.

🔍 क्या है पूरा मामला? जानिए मुख्य घटनाक्रम

ख़ालिद शेख़ मोहम्मद यानी केएसएम ने अमेरिका को हिला देने वाले हमले का बहुत बारीक़ी से प्लान किया था. इसके लिए उसने अलक़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन का साथ लिया. लादेन हमले को जल्द-से-जल्द अंजाम देने के लिए कह रहा था लेकिन केएसएम ने जल्दबाज़ी नहीं दिखाई. इस घटनाक्रम पर संबंधित पक्षों, आधिकारिक संस्थाओं और जानकारों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

💡 इसका क्या असर होगा और आगे क्या?

इस मामले पर आने वाले दिनों में नए तथ्य और आधिकारिक निर्णय सामने आ सकते हैं। हिंदीबात की संपादकीय टीम इस विषय से जुड़ी प्रत्येक प्रामाणिक जानकारी पर नजर बनाए हुए है।

🔍 संपादकीय पड़ताल एवं स्रोत विवरण (Editorial Provenance & Verification)
✍️ रिपोर्टिंग: बीबीसी हिंदी ब्यूरो
🏛️ प्राथमिक स्रोत: बीबीसी हिंदी (BBC Hindi News)
🔬 सत्यापन डेस्क: हिंदीबात रिसर्च डेस्क (HindiBaat Research)
🛡️ पड़ताल स्थिति: ✅ तथ्य-परीक्षित एवं सत्यापित
मूल संदर्भ लिंक: मूल स्रोत देखें ↗
ब…

हिंदीबात संपादकीय डेस्क

अंतरराष्ट्रीय संवाददाता

डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 के अनुरूप निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और स्वतंत्र रिपोर्टिंग। प्रत्येक खबर में 5W1H विश्लेषण और पाठक-केंद्रित स्पष्टता हमारा संकल्प है।

👉 आगे क्या पढ़ें | अगली बड़ी स्टोरी 46 मिनट पहले

अमेरिका: ट्रंप के डाक मतदान के आदेश पर अदालत की रोक बरकरार, राज्यों में भेजे जा रहे मतपत्र; आगे क्या होगा?

अमेरिका: ट्रंप के डाक मतदान के आदेश पर अदालत की रोक बरकरार, राज्यों में भेजे जा रहे मतपत्र; आगे क्या होगा?

यह विश्लेषण जारी रखें ➔