रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बाद अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के दिल्ली दौरे की तैयारी शुरू हो गई है। यह दौरा कूटनीति के मोर्चे पर भारत की सधी चाल को दर्शाता है, जिसमें वह दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। पुतिन के दौरे के दौरान भारत और रूस ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। अब जेलेंस्की के दौरे से यह उम्मीद की जा रही है कि भारत और यूक्रेन के बीच भी कई महत्वपूर्ण समझौते हो सकते हैं।
जेलेंस्की का दिल्ली दौरा भारत की विदेश नीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है, खासकर जब यूक्रेन और रूस के बीच तनाव बढ़ रहा है। भारत ने हमेशा से ही दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए रखने की कोशिश की है, और जेलेंस्की के दौरे से यह स्पष्ट हो जाएगा कि भारत यूक्रेन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए तैयार है। भारत और यूक्रेन के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कई समझौते हो सकते हैं, जिनमें ऊर्जा, कृषि और तकनीक जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।
जेलेंस्की के दौरे से पहले, भारत ने यूक्रेन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। भारत ने यूक्रेन को मानवीय सहायता प्रदान की है, और दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए कई समझौते हुए हैं। जेलेंस्की के दौरे से यह उम्मीद की जा रही है कि भारत और यूक्रेन के बीच संबंध और मजबूत होंगे, और दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
कूटनीति के मोर्चे पर भारत की सधी चाल से यह स्पष्ट हो जाता है कि भारत दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। पुतिन के दौरे के बाद जेलेंस्की के दौरे से यह उम्मीद की जा रही है कि भारत और यूक्र
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