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🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
प्रवर्तन निदेशालय ((ईडी) ने नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और केरलम में कई ठिकानों पर समन्वित तरीके से तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई। अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु के चेन्नई और रामनाथपुरम के अलावा केरलम के कोच्चि, कन्नूर, मलप्पुरम और त्रिशूर समेत कई स्थानों को जांच के दायरे में लिया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित 290 करोड़ रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार को कोलकाता में कई ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई। जांच का केंद्र कोहिनूर पावर है। आरोप है कि कंपनी ने झारखंड में 66 मेगावाट का बिजली संयंत्र स्थापित करने के लिए बैंकों से कर्ज लिया था, लेकिन कर्ज की रकम को कथित तौर पर समूह की दूसरी कंपनियों और निजी इस्तेमाल में स्थानांतरित कर दिया गया।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता में कुल 11 परिसरों की तलाशी ली गई। ये ठिकाने समूह के प्रमोटर प्रशांत बोथरा और विजय बोथरा के अलावा अन्य निदेशकों और ऑडिटरों से जुड़े बताए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी बाद में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) में चली गई। परिसमापन की प्रक्रिया में केवल करीब 7 करोड़ रुपये ही वसूल किए जा सके। इससे कर्जदाताओं को नुकसान हुआ। ईडी की जांच इस बात पर केंद्रित है कि बिजली संयंत्र के लिए लिया गया बैंक कर्ज कथित तौर पर किस तरह दूसरी समूह इकाइयों और व्यक्तिगत इस्तेमाल में पहुंचा। एजेंसी इसी कथित लेनदेन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग पहलू की जांच कर रही है।
मामले की आगे की जांच में पुलिस ने नौ और लोगों को गिरफ्तार किया था। इन लोगों पर थाईलैंड से बड़ी मात्रा में हाइब्रिड गांजा भारत लाने वाले कथित गिरोह का हिस्सा होने का आरोप है। पुलिस जांच के आधार पर ईडी ने हाल में PMLA के तहत मामला दर्ज किया। एजेंसी की प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर सामने आया कि आरोपी थाईलैंड से भारत तक मादक पदार्थों की तस्करी से कमाए गए बड़े पैमाने के धन को कथित रूप से वैध बनाने में शामिल थे।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर अवैध माध्यमों से थाईलैंड में पैसे भेजे। एजेंसी इस मामले में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के संभावित उल्लंघन की भी जांच कर रही है। आरोप है कि गिरोह से जुड़े लोगों ने मादक पदार्थ भारत लाने के लिए कैरियर भी नियुक्त किए। इन कैरियर को कथित तौर पर वीजा और पैसे उपलब्ध कराए गए। ईडी सूत्रों के अनुसार, कथित नेटवर्क से जुड़े कुछ आरोपी अभी भी थाईलैंड में हैं। पुलिस और जांच एजेंसी उन्हें भारत लाने की कोशिश कर रही हैं।