● LIVE
BSE SENSEX 81,900.25 ▲ +520.30
NIFTY 50 25,052.10 ▲ +160.40
GOLD (10g) ₹71,850 ▲ +₹180
USD/INR ₹83.92 ▬ 0.00
संस्करण: भारत (राष्ट्रीय)
रविवार, 30 अगस्त 2026
🔴 ताज़ा सुर्खियाँ
इंडिया एआई मिशन (IndiaAI): ₹10,372 करोड़ से स्वदेशी एआई कंप्यूट प्रगति सरकारी नौकरी 2026: रेलवे RRB NTPC 11,558 और UP Police 60,244 भर्ती अपडेट शेयर बाज़ार: सेंसेक्स 81,900 के पार, निफ्टी 25,052 अंक पर मजबूत मौसम विभाग: मानसूनी बारिश और नदी जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी अलर्ट
भारत

उत्तराखंड: सीमांत दारमा वैली का 58 फीसदी इलाका भूस्खलन के मुहाने पर, वाडिया संस्थान के अध्ययन में हुआ खुलासा

पिथौरागढ़ जिले की सीमांत दारमा वैली (घाटी) में भूस्खलन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान (देहरादून) के हालिया अध्ययन में खुलासा हुआ है कि इस घाटी का 58 प्रतिशत इलाका भूस्खलन की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है।
उत्तराखंड: सीमांत दारमा वैली का 58 फीसदी इलाका भूस्खलन के मुहाने पर, वाडिया संस्थान के अध्ययन में हुआ खुलासा हिंदीबात विशेष
तस्वीर: हिंदीबात संपादकीय डेस्क (प्रतीकात्मक संदर्भ)

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम उत्तराखंड देहरादून अल्मोड़ा उत्तर काशी ऊधम सिंह नगर ऋषिकेश कोटद्वार More •••

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

वैज्ञानिक मो. शावेज के मुताबिक, पहले इस क्षेत्र में लगातार तीन-चार दिनों तक बारिश नहीं होती थी, लेकिन अब बारिश का पैटर्न बदल गया है। बारिश के दिनों की संख्या बढ़ने से मिट्टी के अंदर पानी सोखने की क्षमता कम हो गई है। पोर वॉटर प्रेशर (मिट्टी के कणों के बीच पानी का दबाव) बढ़ने से जमीन ढीली हो जाती है और खिसकने लगती है। भारी बारिश के साथ छोटे-छोटे भूकंप के झटके यहां ट्रिगर का काम कर रहे हैं।

वाडिया के वैज्ञानिकों ने मशीन लर्निंग मॉडल और सैटेलाइट नक्शों की मदद से भविष्य की आपदाओं का रिस्क मैप भी तैयार किया है। इसमें रिक्टर स्केल पर सात से आठ की तीव्रता वाले बड़े भूकंप और तेज बारिश के संयुक्त प्रभाव का आकलन किया गया है। अध्ययन के अनुसार, दारमा घाटी का करीब नौ प्रतिशत इलाका हाई से वेरी-हाई रिस्क (अत्यधिक खतरे) जोन में आता है, जबकि 22 प्रतिशत क्षेत्र मध्यम खतरे के दायरे में है।

📌 पारदर्शी स्रोत व संपादन: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News) | हिंदीबात संपादकीय टीम द्वारा 5W1H तथ्य सत्यापन मॉडल के तहत परीक्षित व प्रकाशित।
अ…

अमर उजाला ब्यूरो

विशेष संवाददाता

डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 के अनुरूप निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और स्वतंत्र रिपोर्टिंग। प्रत्येक खबर में 5W1H विश्लेषण और पाठक-केंद्रित स्पष्टता हमारा संकल्प है।

👉 आगे क्या पढ़ें | अगली बड़ी स्टोरी 1 घंटे पहले

हिमाचल में कल से फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून: चार दिन भारी बारिश का अलर्ट, 54 सड़कें अब भी बंद; पढ़ें ताजा अपडेट

हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की …

यह विश्लेषण जारी रखें ➔