विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम दिल्ली दिल्ली-एनसीआर गाजियाबाद गुरुग्राम नूंह नोएडा फरीदाबाद
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
दोपहर करीब डेढ़ बजे का वक्त था। रविवार होने के कारण सत्य निकेतन की गलियों में रोज की अपेक्षा चहल-पहल कम थी। तभी अचानक तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते करीब 80-90 गज में बनी पांच मंजिला इमारत भरभराकर जमीन पर आ गिरी। कुछ ही पलों में पूरी गली धूल के गुबार से भर गई। सामने खड़े लोगों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। आसपास के लोगों को लगा जैसे भूकंप आ गया हो। चीख-पुकार के बीच हर कोई इधर-उधर भागने लगा।
2 of 5 Delhi building collapse - फोटो : PTI मंदिर भी आई चपेट में मलबा आसपास के घरों और दुकानों तक फैल गया। सामने शिव मंदिर की दीवार भी इसकी चपेट में आ गई। एक दुकान के भीतर इमारत का स्लैब आ गिरा। दुकान के आगे रखा रैक रमेश कुमार और उनके दोनों बच्चों पवन व शिवम के लिए ढाल बन गया। हादसे के करीब एक घंटे बाद भी दोनों बच्चे डरे-सहमे थे।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
3 of 5 दिल्ली मोती बाग हादसा - फोटो : PTI जहां दोस्त रहते थे, वहां अब मलबे का पहाड़ इमारत गिरने की खबर मिलते ही आसपास के पीजी में रहने वाले युवा मौके की ओर दौड़े। आकर्ष भी अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। सामने का मंजर देखकर कुछ पल के लिए सभी सन्न रह गए। जिस इमारत में उनके दोस्त रहते और आते-जाते थे, उसकी जगह अब मलबे का पहाड़ था। नीचे कारें दबी थीं और चारों तरफ टूटे सरिये, स्लैब और धूल बिखरी थी।
4 of 5 दिल्ली के मोती बाग में गिरी इमारत - फोटो : PTI मलबे के भीतर से दे रही थी आवाज सुनाई धूल कुछ कम हुई तो मलबे के भीतर से लोगों की आवाजें सुनाई देने लगीं। यही आवाजें वहां खड़े युवाओं के लिए उम्मीद बन गईं। उन्हें भरोसा था कि उनके साथी अंदर हैं और जिंदा हैं। कुछ युवा बैरिकेड के पास खड़े होकर बचाव दल की हर गतिविधि पर नजर रखे रहे, तो कुछ मोबाइल पर लगातार अपने दोस्तों से संपर्क करने की कोशिश करते रहे।