विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम कारोबार बिज़नेस डायरी बाजार स्टार्टअप्स कॉर्पोरेट पर्सनल फाइनेंस More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
बाजार में गिरावट के कई कारण हैं। नए सिरे से अमेरिका-ईरान तनाव एक प्रमुख वजह है। इसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यह निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहा है। फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें भी उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव डाल रही हैं। पोनमुडी आर, जो एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, ने यह जानकारी दी। उनकी फर्म ऑनलाइन कारोबार और वेल्थ-टेक क्षेत्र में काम करती है।
घरेलू अर्थव्यवस्था का लचीलापन कुछ बाहरी चुनौतियों को कम कर रहा है। भारत का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी बढ़ा। यह आरबीआई के 7 फीसदी के अनुमान और बाजार की उम्मीदों से काफी अधिक था। भारत की अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून तिमाही में भी उम्मीद से अधिक 7.8 फीसदी बढ़ी। इसने ईरान में युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता की चिंताओं के बावजूद लचीलापन दिखाया। यह घरेलू आर्थिक गति को प्रभावित कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, शंघाई का एस.एस.ई. कंपोजिट सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। सोमवार को सेंसेक्स 307.24 अंक या 0.40 फीसदी गिरकर 76,957.27 पर बंद हुआ था। निफ्टी 95.25 अंक या 0.39 फीसदी गिरकर 24,080.40 पर बंद हुआ था।