- यूएन में पास हुआ 'नक़्शा बदलने' वाला प्रस्ताव, केवल अमेरिका ने क्यों किया विरोध?
- 16वीं सदी से इस्तेमाल हो रहे दुनिया के नक़्शे की आलोचना इसलिए की जा रही है कि ये अफ़्रीका का आकार ग्रीनलैंड के बराबर दिखता है, जबकि यह उससे 14 गुना ज़्यादा बड़ा है.।
नई दिल्ली: 16वीं सदी से इस्तेमाल हो रहे दुनिया के नक़्शे की आलोचना इसलिए की जा रही है कि ये अफ़्रीका का आकार ग्रीनलैंड के बराबर दिखता है, जबकि यह उससे 14 गुना ज़्यादा बड़ा है.
🔍 क्या है पूरा मामला? जानिए मुख्य घटनाक्रम
16वीं सदी से इस्तेमाल हो रहे दुनिया के नक़्शे की आलोचना इसलिए की जा रही है कि ये अफ़्रीका का आकार ग्रीनलैंड के बराबर दिखता है, जबकि यह उससे 14 गुना ज़्यादा बड़ा है. इस घटनाक्रम पर संबंधित पक्षों, आधिकारिक संस्थाओं और जानकारों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
💡 इसका क्या असर होगा और आगे क्या?
इस मामले पर आने वाले दिनों में नए तथ्य और आधिकारिक निर्णय सामने आ सकते हैं। हिंदीबात की संपादकीय टीम इस विषय से जुड़ी प्रत्येक प्रामाणिक जानकारी पर नजर बनाए हुए है।