विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम उत्तर प्रदेश लखनऊ वाराणसी गोरखपुर मेरठ कानपुर More •••
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फ्लू के मरीजों को राहत देने के लिए की गई तैयारी की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने निर्देश दिया कि बुखार वाले मरीजों के लिए पंजीयन, उपचार के लिए ओपीडी और भर्ती करने के लिए अलग से वार्ड बनाया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने बताया कि इंफ्लुएंजा ए (एच1एन1) मरीजों को चार श्रेणी में बांट कर इलाज की व्यवस्था बनाई गई है। इसमें गंभीर मरीजों को ए, अन्य को बी1, बी2 और सी वर्ग में बांट कर उपचार किया जा रहा है। ऐसे में उप मुख्यमंत्री ने हर जिले के अधीक्षक से अब तक की गई तैयारी की जानकारी ली। निर्देश दिया कि अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों के साथ भर्ती सभी गंभीर मरीजों की फ्लू जांच सुनिश्चित की जाए। इन्फ्लुएंजा-लाइक इलनेस और सांस संबंधी संक्रमण वाले मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों में लक्षण पाए जाने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय से एंटीवायरल दवाएं शुरू की जाएं। गंभीर मरीजों के उपचार के लिए हर जिले में जिला एवं संयुक्त अस्पताल स्तर पर चार से छह आइसोलेशन बेड तैयार रखा जाए।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि बुखार होनने पर घबराएं नहीं। अपने गांव की आशा अथवा एएनएम को जानकारी दें। आसपास के अस्पताल में पहुंचे और जांच कराएं। प्रदेश सरकार की ओर से सभी स्वास्थ्य इकाइयों में उपचार की पुख्ता व्यवस्था की गई है। सभी अस्पतालों में निशुल्क उपचार, जांच और दवा की व्यवस्था है। नेपाल सीमा से लगे जिलों में विशेष सतर्कता उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को इन क्षेत्रों में फ्लू एवं बुखार के मामलों की प्रभावी निगरानी करने को कहा गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर एवं महराजगंज और गोरखपुर के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया जाए। नेपाल अथवा उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रत्येक मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को अस्पतालों में मास्क, हाथों की स्वच्छता और खांसी के शिष्टाचार के प्रति मरीजों एवं तीमारदारों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है और फ्लू की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।