● LIVE
BSE SENSEX 81,900.25 ▲ +520.30
NIFTY 50 25,052.10 ▲ +160.40
GOLD (10g) ₹71,850 ▲ +₹180
USD/INR ₹83.92 ▬ 0.00
संस्करण: भारत (राष्ट्रीय)
रविवार, 30 अगस्त 2026
🔴 ताज़ा सुर्खियाँ
इंडिया एआई मिशन (IndiaAI): ₹10,372 करोड़ से स्वदेशी एआई कंप्यूट प्रगति सरकारी नौकरी 2026: रेलवे RRB NTPC 11,558 और UP Police 60,244 भर्ती अपडेट शेयर बाज़ार: सेंसेक्स 81,900 के पार, निफ्टी 25,052 अंक पर मजबूत मौसम विभाग: मानसूनी बारिश और नदी जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी अलर्ट
स्वास्थ्य

वीडियो: 18600 फीट पर पायलटों का साहस, नुन-कुन की पहाड़ी पर सेना के हेलीकॉप्टर ने एक स्किड टिकाकर मरीज को बचाया

वीडियो: 18600 फीट पर पायलटों का साहस, नुन-कुन की पहाड़ी पर सेना के हेलीकॉप्टर ने एक स्किड टिकाकर मरीज को बचाया----Indian Army Aviation Pilots Conduct High-Altitude Rescue at 18,600 Feet Near Nun Kun
वीडियो: 18600 फीट पर पायलटों का साहस, नुन-कुन की पहाड़ी पर सेना के हेलीकॉप्टर ने एक स्किड टिकाकर मरीज को बचाया हिंदीबात विशेष
तस्वीर: हिंदीबात संपादकीय डेस्क (प्रतीकात्मक संदर्भ)

विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम देश शहर और राज्य चुनाव LIVE कारोबार मनोरंजन More •••

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु

भारतीय सेना के एविएशन पायलटों ने शनिवार को बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में 18,600 फीट की ऊंचाई पर सफल मेडिकल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। नुन-कुन पर्वत श्रृंखला के पास तेज हवाओं और खड़ी पहाड़ी ढलान के बीच एक घायल व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह अभियान उस समय किया गया, जब ऊंचाई वाले इलाके में दिन की आखिरी रोशनी तेजी से खत्म हो रही थी। ऐसे में पायलटों के पास ऑपरेशन पूरा करने के लिए बेहद कम समय था।

मरीज तक पहुंचने के बाद पायलटों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हेलिकॉप्टर को उतारने के लिए जगह न होना थी। घटनास्थल पर तेज पहाड़ी हवाएं चल रही थीं और ढलान काफी खड़ी थी। ऐसे हालात में पायलटों ने हेलिकॉप्टर को बेहद कम ऊंचाई पर स्थिर रखा। इसके बाद एक बेहद जोखिम भरी तकनीकी प्रक्रिया के तहत हेलिकॉप्टर का सिर्फ एक स्किड ढलान से टिकाया गया। इसी स्थिति में मरीज को तेजी से हेलिकॉप्टर के अंदर सुरक्षित किया गया। मरीज को सुरक्षित लेने के बाद हेलिकॉप्टर ने वहां से उड़ान भरी और सफलतापूर्वक नीचे पहुंचा।

💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट

भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अभियान की जानकारी साझा की। सेना ने बताया कि नुन-कुन के पास 18,600 फीट की ऊंचाई पर बिना लैंडिंग स्पेस और तेज हवाओं के बीच यह निकासी की गई। सेना के मुताबिक, आखिरी उपलब्ध लैंडिंग विंडो का इस्तेमाल करते हुए पायलटों ने असाधारण सटीकता और साहस के साथ ऑपरेशन पूरा किया। अभियान में हेलिकॉप्टर को हल्का करने के लिए गैर-जरूरी उपकरण हटाए गए और सीमित ईंधन के साथ उड़ान भरी गई। यह रेस्क्यू अभियान भारतीय सेना एविएशन की ऑपरेशनल तैयारी, तकनीकी क्षमता और कठिन पर्वतीय इलाकों में लोगों की जान बचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

📌 पारदर्शी स्रोत व संपादन: अमर उजाला (Amar Ujala Breaking News) | हिंदीबात संपादकीय टीम द्वारा 5W1H तथ्य सत्यापन मॉडल के तहत परीक्षित व प्रकाशित।
अ…

अमर उजाला ब्यूरो

विशेष संवाददाता

डिजिटल मीडिया आचार संहिता 2021 के अनुरूप निष्पक्ष, तथ्य-आधारित और स्वतंत्र रिपोर्टिंग। प्रत्येक खबर में 5W1H विश्लेषण और पाठक-केंद्रित स्पष्टता हमारा संकल्प है।

👉 आगे क्या पढ़ें | अगली बड़ी स्टोरी 2 घंटे पहले

नीट पीजी: जयपुर सेंटर पर बिजली खराबी से परीक्षा प्रभावित, इस तारीख को फिर होगा एग्जाम; एनबीईएमएस ने दिया जवाब

NEET-PG परीक्षा के दौरान जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर बिजली की खराबी के कारण परीक्षा प्रभावित हुई। अब एनबीईएमएस ने इस म…

यह विश्लेषण जारी रखें ➔