विशेष संवाददाता, नई दिल्ली: होम हिमाचल प्रदेश शिमला कांगड़ा चम्बा बिलासपुर मंडी रामपुर बुशहर More •••
🔍 विस्तृत घटनाक्रम एवं मुख्य बिंदु
पिछले कुछ दिनों से धीमा पड़ा मानसून हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर सक्रिय हो गया है। सोलन जिले के परवाणू में शनिवार देर रात हुई जोरदार बारिश ने तबाही मचा दी। टकसाल क्षेत्र में एक रिहायशी मकान ढह गया, जबकि तीन पर ढहने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने तीनों मकानों को खाली करवाकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया दिया। कई घरों में पानी घुस गया है। बारिश के तेज बहाव में कई वाहन बह गए, जबकि कुछ मलबे की चपेट में आ गए। शिमला में रविवार को अपराह्न 3:30 से शाम 5:45 बजे तक दो घंटे झमाझम 30 मिलीमीटर बारिश हुई। सड़कों पर पानी का सैलाब आ गया।
शनिवार की रात को हुई बारिश से कालका-शिमला रेलवे ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा है। कोटी और गुम्मन रेलवे स्टेशन के आसपास ट्रैक पर दो स्थानों पर मलबा आने और ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह जाने से रेल ट्रैक हवा में लटक गया है। इस रेल मार्ग पर चलने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। अब जब तक ट्रैक दुरुस्त नहीं होगा, तब तक ट्रेनों की आवाजाही बंद रहेगी। रविवार को भी शिमला, बिलासपुर, परवाणू और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। शिमला के खलीनी में दो कारों पर पेड़ गिरे हैं।
💬 आधिकारिक बयान एवं रिपोर्ट
सोलन के रामशहर क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश के कारण शनिवार रात करीब 10 बजे रामशहर-स्वारघाट मार्ग पर गुनाहकलां के पास पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और भारी मलबा सड़क पर आ गिरा। इससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। मंडी जिले में भारी बारिश से 24 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। सबसे ज्यादा असर सराज क्षेत्र में है, जहां 17 सड़कें बंद हैं। रविवार को कांगड़ा जिले में बादल छाए रहे, हल्की बारिश हुई और धुंध भी छाई रही।