- 350 साल पुरानी परंपरा: जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को पालने में झुलाने उमड़ती है भीड़, लगता है ये खास भोग
- झारखंड के चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड के बरवाडीह-दुम्बी गांव स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर में करीब 350 वर्षों से जन्माष्टमी की अनूठी परंपरा निभाई जा रही है।
नई दिल्ली: झारखंड के चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड के बरवाडीह-दुम्बी गांव स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर में करीब 350 वर्षों से जन्माष्टमी की अनूठी परंपरा निभाई जा रही है।
🔍 क्या है पूरा मामला? जानिए मुख्य घटनाक्रम
झारखंड के चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड के बरवाडीह-दुम्बी गांव स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर में करीब 350 वर्षों से जन्माष्टमी की अनूठी परंपरा निभाई जा रही है। इस घटनाक्रम पर संबंधित पक्षों, आधिकारिक संस्थाओं और जानकारों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
💡 इसका क्या असर होगा और आगे क्या?
इस मामले पर आने वाले दिनों में नए तथ्य और आधिकारिक निर्णय सामने आ सकते हैं। हिंदीबात की संपादकीय टीम इस विषय से जुड़ी प्रत्येक प्रामाणिक जानकारी पर नजर बनाए हुए है।