
**चलती कार में अपहरण और मारपीट: 109 दिन चली बहस, 28 गवाह मुकरे; फिर कैसे आठ साल बाद बरी हुए सुपरस्टार दिलीप?**
भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार दिलीप कुमार को एक चलती कार में अपहरण और मारपीट के मामले में आठ साल बाद बरी कर दिया गया है। यह मामला 2015 में दर्ज किया गया था, जब दिलीप कुमार के खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें एक चलती कार में अपहरण कर लिया गया था और उनके साथ मारपीट की गई थी। इस मामले में दिलीप कुमार के अलावा कई अन्य लोग भी आरोपी थे।
इस मामले की सुनवाई 109 दिन तक चली, जिसमें 28 गवाहों ने अपने बयान बदल दिए। इसके बावजूद, अदालत ने दिलीप कुमार को बरी करने का फैसला किया। इस फैसले के बाद, दिलीप कुमार के वकील ने कहा कि यह फैसला न्यायपूर्ण है और उनके मुवक्किल को निर्दोष साबित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दिलीप कुमार के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे और अदालत ने इसे ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया है।
दिलीप कुमार के बरी होने के बाद, उनके प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में पोस्ट किए। दिलीप कुमार के प्रशंसकों का कहना है कि यह फैसला न्यायपूर्ण है और दिलीप कुमार को निर्दोष साबित किया गया है। उन्होंने कहा कि दिलीप कुमार एक महान अभिनेता हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार थे।
इस मामले के बाद, दिलीप कुमार ने एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला न्यायपूर्ण है और उन्हें निर्दोष साबित किया गया है। दिलीप कुमार ने कहा कि वह अपने प्रशंसकों के समर्थन के लिए आभारी हैं और आगे भी अपने काम पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
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