
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को बताया कि 5 दिसंबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए आयोजित डिनर में शामिल हुआ था। वहां का माहौल बहुत अच्छा और दिलचस्प था। रूसी डेलिगेशन के साथ बातचीत करके मजा आ गया। थरूर ने एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी। इस डिनर में लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को न्योता नहीं मिला था।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने थरूर के डिनर में जाने पर सवाल उठाए। खेड़ा ने कहा कि बड़े नेताओं को न बुलाया जाए और थरूर को बुलाया जाए तो यह खेल समझना चाहिए। थरूर ने कहा कि विदेश मामलों की कमेटी चेयरमैन होने के नाते न्योता मिला और वे जरूर जाएंगे। पुतिन गुरुवार शाम भारत के दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंचे थे। पहले दिन पीएम आवास पर व्लादिमीर पुतिन के लिए डिनर आयोजित किया गया था। इसके बाद शुक्रवार को कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
राहुल गांधी ने कहा था कि परंपरा तोड़कर विपक्ष को पुतिन से मिलने नहीं दिया जा रहा। जयराम रमेश ने कन्फर्म किया, दोनों नेताओं को न्योता नहीं मिला था। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष के नेताओं को रूसी राष्ट्रपति से मिलने का अवसर नहीं देना सरकार की एक बड़ी गलती है।
इस मामले में शशि थरूर के बयान ने एक新的 विवाद को जन्म दिया है। थरूर ने कहा कि उन्हें विदेश मामलों की कमेटी चेयरमैन होने के नाते न्योता मिला था, लेकिन कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह एक बड़ा सवाल है कि बड़े नेताओं को
स्रोत: मूल समाचार
