
**साइबर अपराध: 17 मोबाइल, 21 सिम कार्ड, 124 एटीएम कार्ड… चाचा-भतीजे की करतूत से पुलिस हैरान**
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल ने एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें पूरे भारत में 6.33 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। यह गिरोह एसईबीआई पंजीकृत ब्रोकर बनकर ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को लूटा करता था। 50 लाख के एक मामले की जांच के दौरान ओडिशा से तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जो 165 से अधिक साइबर शिकायतों से जुड़े हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक चाचा और एक भतीजा है, जो इस साइबर अपराध नेटवर्क के मास्टरमाइंड हैं। पुलिस ने उनके पास से 17 मोबाइल फोन, 21 सिम कार्ड, 124 एटीएम कार्ड, और कैश गिनने वाली मशीन भी बरामद की है। यह सभी सामान ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को लूटने के लिए उपयोग किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर विज्ञापन देकर लोगों को ऑनलाइन निवेश के लिए आकर्षित करता था। इसके बाद, वे लोगों से उनके बैंक खातों की जानकारी और अन्य व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त कर लेते थे, और फिर उनके खातों से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने लोगों को सावधानी बरतने और ऑनलाइन निवेश करने से पहले अच्छी तरह से जांच करने की सलाह दी है।
इस मामले में पुलिस ने आगे जांच शुरू कर दी है और और अधिक आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने यह भी बताया कि यह साइबर अपराध नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है और इसके शिकार हुए लोगों की संख्या अभी तक पता नहीं चल पाई है। पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे अगर ऑनलाइन निवेश के नाम पर किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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