
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटर लिस्ट के रिविजन यानी ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोमवार को आरोप लगाया कि यह समय जानबूझकर चुना गया है ताकि राज्य में चल रहे विकास कार्यों को रोका जा सके. ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी आखिरी सांस तक बंगाल में कोई डिटेंशन कैंप नहीं होगा.
ममता बनर्जी ने अधिकारियों पर दबाव की बात कही और केंद्र सरकार से विकास कार्यों को न रोकने की अपील की. उन्होंने वोटर लिस्ट रिविजन की तुलना देश में चल रहे विमानन संकट से की और कहा कि जैसे विमानन संकट के समय में सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए, वैसे ही राज्य में विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए. ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि एसआईआर की टाइमिंग बीजेपी को फायदा पहुंचाने वाली है और यह राज्य में चल रहे विकास कार्यों को रोकने के लिए की जा रही है।
ममता बनर्जी के बयान से स्पष्ट है कि वह राज्य में चल रहे विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए तैयार हैं और एसआईआर की टाइमिंग को लेकर केंद्र सरकार से सहमत नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने राज्य के नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगी और डिटेंशन कैंप जैसे मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेंगी.
ममता बनर्जी के बयान के बाद राज्य में राजनीतिक गरमाहट बढ़ गई है और विपक्षी दलों ने उनके बयान की आलोचना की है. लेकिन ममता बनर्जी ने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि वह अपने राज्य के नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगी और केंद्र सरकार से सहमत नहीं होने पर भी अपने फैसले पर कायम रहेंगी।
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