
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में एक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। इस दौरान, उन्होंने वंदे मातरम् और अन्य ऐतिहासिक घटनाओं पर भी सरकार के रुख पर सवाल उठाए। अपने भाषण के अंत में, उन्होंने एक वाक्य कहा जो सबका ध्यान आकर्षित कर गया, “आप तो सो गए, आप भी सो गए, सोने दो सोने दो क्योंकि जब मुल्क जागता रहेगा, वो सोते रहे तो ये अच्छा रहेगा।”
यह बयान विपक्ष के नेता की ओर से सरकार पर एक तीखा हमला था, जिसमें उन्होंने सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाए। मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने भाषण में कई मुद्दों पर बात की, जिनमें वंदे मातरम् का महत्व, देश की एकता और अखंडता, और सरकार की जिम्मेदारी शामिल थी। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए, न कि विभाजनकारी नीतियों को बढ़ावा देना चाहिए।
मल्लिकार्जुन खरगे के इस बयान ने राज्यसभा में हंगामा मचा दिया, और कई सदस्यों ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। कुछ सदस्यों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसकी आलोचना की। यह घटना राज्यसभा में एक गर्माहट भरे माहौल को दर्शाती है, जहां विपक्ष और सरकार के बीच तीव्र मतभेद हैं।
इस पूरे मामले में एक बात स्पष्ट है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान से सरकार पर दबाव डालने की कोशिश की है। उन्होंने सरकार से देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए काम करने का आग्रह किया है, और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कैसी प्रतिक्रिया देती है और आगे क्या कदम उठाती है।
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