
भारत लौटी सुनाली बोली- बांग्लादेश में दो महीने भूखे-प्यासे भटके: BSF ने आंख पर पट्टी बांधकर भेजा, बोले- पीछे मुड़े तो गोली मार देंगे। यह एक ऐसी कहानी है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। 26 साल की सुनाली खातून और उनके 8 साल के बेटे को दिल्ली पुलिस ने 18 जून 2025 को हिरासत में लिया था। उन्हें बांग्लादेशी बताकर आंख पर पट्टी बांधकर बॉर्डर पर धकेल दिया गया था।
सुनाली ने बताया कि उन्हें और उनके परिवार को बांग्लादेश में दो महीने तक भूखे-प्यासे भटकना पड़ा। उन्हें नहीं पता था कि वे कहां जा रहे हैं और क्या होगा। उन्हें बस इतना कहा गया था कि यदि वे पीछे मुड़े तो उन्हें गोली मार दी जाएगी। यह एक ऐसी स्थिति थी जो किसी की भी जिंदगी को नरक बना सकती है। सुनाली की इस स्थिति को देखकर सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय आधार पर उन्हें भारत लाने का आदेश दिया था।
सुनाली अब पश्चिम बंगाल में हैं और कुपोषण का इलाज करा रही हैं। उनकी इस लड़ाई को लड़ रहे पश्चिम बंगाल माइग्रेट बोर्ड के अध्यक्ष समीरुल इस्लाम और सुप्रीम कोर्ट में वकील संजय हेगड़े ने सुनाली की पूरी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि सुनाली को और उनके परिवार को दिल्ली पुलिस ने 18 जून को हिरासत में लिया था और उन्हें बांग्लादेशी बताकर बॉर्डर पर धकेल दिया गया था। यह एक ऐसी घटना है जो हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारे देश में न्याय व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही है या नहीं।
सुनाली की यह कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारे देश में इंसानों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है? क्या हमारे द
स्रोत: मूल समाचार
